Birbal Singh Lamba की कलम से डॉ मनोज शर्मा “योगाचार्य” के बारे में

Birbal Singh Lamba
Birbal Singh Lamba

विलक्षण व्यक्तित्व, चहुंमुखी प्रतिभा , अंतहीन जोश व जुनून के धनी डॉ मनोज शर्मा “योगाचार्य”


चूरू की सड़कों पर यदि गले मे बैग, कैमरा लिये छः फुट लम्बा, गोरा,शानदार शारीरिक शौष्ठव वाला और चेहरे पर अलौकिक आभा के साथ मुस्कुराहट बिखेरता कोई व्यक्ति जा रहा हो तो उसकी पहचान डॉ मनोज शर्मा “योगाचार्य” के रूप में होना तय है।
थार के धोरों का सीमांकन करने वाले चूरू जिला मुख्यालय के समीप स्थित दुधवामीठा गांव में 10 जुलाई 1978 को श्री मनोज शर्मा का जन्म हुआ। पिताजी लेथ मशीन के ऑपरेटर होने, और बड़े शहरों में मांग होने से बचपन दिल्ली और धारुहेड़ा में बीता। 1984 में पिताजी के चूरू में स्थाई निवास और वर्कशॉप स्थापित कर लेने के बाद प्राथमिक शिक्षा प्रारंभ हुई। गणित विषय से उच्च माध्यमिक शिक्षा के बाद स्नातक की पढ़ाई के लिए मनोज शर्मा ने लोहिया कॉलेज में प्रवेश लिया और यहीं से मनोज शर्मा की प्रगति की अंतहीन यात्रा प्रारंभ हुई।

यद्यपि स्कूली शिक्षा के दौरान ही एन सी सी में इनकी विलक्षण प्रतिभाएं सामने आने लगी और दिल्ली में 26 जनवरी को होने वाली आर.डी. परेड में पूरे भारत की एन सी सी टुकड़ियों के लीडिंग कॉन्टिजेंट कमांडर बनकर एडमिरल सुशील कुमार एवं तत्कालीन रक्षामंत्री जॉर्ज फर्नांडिस को गॉर्ड ऑफ ऑनर देकर अपनी जन्मभूमि को गौरवान्वित किया।
कॉलेज में शिक्षा के दौरान वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में कई बार लोहिया महाविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया।
मिलनसार स्वभाव एवं छात्रहितों के लिए संघर्षरत व्यक्तित्व देखकर महाविद्यालय के छात्रों ने सर्वसम्मति से छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव लड़ने का आग्रह किया और श्री मनोज शर्मा ने यहां भी विजयश्री का वरण किया।

2001 में छात्रसंघ अध्यक्ष रहने के दौरान ही झुंझुनू के जे. बी. शाह बालिका महाविद्यालय की छात्रसंघ अध्यक्ष विनीता शर्मा से मिलना हुआ और उस मुलाकात को दोनों के परिवारों ने सात जन्मों के अटूट बंधन में सहेजना स्वीकार कर लिया। आज सहधर्मिणी श्रीमती विनीता शर्मा चूरू जिले का प्रथम महिला योगा सेंटर संचालित कर पति के अभियान को गति प्रदान कर रही हैं।

एनसीसी के प्रशिक्षण के दौरान सेना के जवानों अधिकारियों से मुलाकात के दौरान शरीर निर्माण और स्वास्थ्य के प्रति जिज्ञासा पैदा हुई और वो जिज्ञासा कब जुनून में बदल गई पता ही नही चला। 2001 में ही चूरू में जिम खोली जो सहज ही आकर्षण का केंद्र बन गई। शारीरिक स्वास्थ्य का अभियान जिम के बाद योग के क्षेत्र में प्रवेश कर गया औऱ श्री मनोज शर्मा चूरू के पहले प्रशिक्षित योगाचार्य बने। एमए, एलएलबी, सोशल वर्क में स्नातकोत्तर, पीएचडी और महर्षि दयानंद सरस्वती विश्विद्यालय से योग में डिप्लोमा प्राप्त किया और साथ ही 2004 में चूरू में प्रथम योग शिविर का संचालन कर योग की नींव रख दी। आज वह प्रथम योग शिविर चूरू में इंद्रमणि पार्क, नेचर पार्क, बागला स्कूल खेल मैदान और योग अनुसंधान पार्क में नियमित और निशुल्क योग प्रशिक्षण के रूप में फलीभूत हो रहा है। योग के प्रति उत्साह को देखते हुए कॉमनवेल्थ कल्चरल एक्सचेंज के कार्यक्रम में योग के क्षेत्र में भारत सरकार ने डॉ मनोज शर्मा का चयन किया और योग के प्रचार के लिए चीन की यात्रा पर भेजा। पटियाला से एन आई एस के डिप्लोमा के बाद योग के प्रचार प्रसार और युवाओं में स्वास्थ्य के प्रति जनजागरण के अभियान हेतु मनोज शर्मा भारत भ्रमण पर निकले और देश मे सैंकड़ों जगह सम्मानित होकर लोटे।

हिमाचल की धौलाधार पर्वत श्रृंखला के उच्च क्षेत्र त्रिउंड पर बर्फ के बीच योग का प्रदर्शन भी भारत भर में चर्चा का विषय बना।

मनोज शर्मा के योग के क्षेत्र में योगदान को देखते हुए राष्ट्रीय पर्व के कार्यक्रम में क्रमश: 2008 व 2015 में जिला प्रशासन द्वारा एवं 2016 में राज्य सरकार द्वारा सम्मानित किया गया। योग के क्षेत्र में राज्य स्तर पर पुरुस्कृत होने वाले श्री शर्मा पहले व्यक्ति थे। भारत सरकार के योगदिवस मनाने के निर्णय के बाद पंचायत स्तर तक के सरकारी खेल प्रशिक्षकों को योग का प्रशिक्षण भी इन्ही के सानिध्य में प्राप्त हुआ है।
वर्तमान में श्री मनोज शर्मा योग के साथ साथ एक स्वतंत्र पत्रकार हैं, और गणितीय गणनाओं और वैज्ञानिक विश्लेषण के माध्यम से ज्योतिष केंद्र संचालित कर रहे हैं और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के ज्योतिषी के रूप में भी जिला मुख्यालय पर सुस्थापित व्यक्तित्व हैं।
स्टूडियो में लोककलाकारों, साहित्यकारों के साक्षात्कारों और कला की प्रस्तुति को वेब चैनल औऱ स्थानीय टीवी चैनल त्रिनेत्र टीवी के माध्यम से देश और दुनिया के सामने पहुचाने का काम कर रहे हैं। अपने चैनल पर वनौषधियों के बारे में जनजागरण , पुरातात्विक महत्व के स्थानों के इतिहास और वर्तमान पर वृत्तचित्रों और लोककलाओं , स्थानीय कुटीर उद्योगों को दुनिया के सामने पंहुचाने का काम भी पूरी तन्मयता के साथ निशुल्क कर रहे हैं।
अपने स्वयं के पिताजी के लकवा हुआ तो उसे भी योग के माध्यम से एकदम ठीक कर एक मिसाल कायम कर दी।
आकाशवाणी के किसानवाणी के संचालक के रूप में कृषकों की समस्याओं के समाधान के साथ ही मरुधर युवा संस्थान के संस्थापक के रूप में अपने बहुआयामी व्यक्तित्व से जिले ही नही अपितु देश के महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों में खुद को शामिल कर दिया।
आदमी उम्र से नहीं अपितु अपने कर्मों और व्यक्तित्व से महान होता है। ऐसे ही महान व्यक्तित्व को यद्यपि नमन करने का मन करता है पर मुझ से छोटे होने के कारण …. योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के सलाहकार बोर्ड के सदस्य, स्वतंत्र पत्रकार, वेब चैनल प्रोड्यूसर, ज्योतिषी, वक्ता और योगाचार्य के रूप में सुस्थापित विलक्षण और बहुआयामी व्यक्तित्व डॉ मनोज शर्मा “योगाचार्य” को मेरा आशीर्वाद….नमन…. अभिनंदन💐💐💐

बीरबल सिंह लाम्बा
एडवोकेट
चूरू(राजस्थान)

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