बदन दर्द में आराम देने वाली सूक्ष्म क्रियाए

बदन दर्द में आराम देने वाली सूक्ष्म क्रियाए

सूक्ष्म  क्रिया को करने का मुख्य उद्देस्य यह होता है की हमारे छोटे से छोटे भाग को हिलाना और शरीर के हर भाग तक ऑक्सीजन पहुंचना आज हम बदन दर्द में आराम देने वाली सूक्ष्म क्रियाए के बारे में बात करेंगे

सूक्ष्म  क्रियाए क्यों करे –

हम हमरे दैनिक जीवन में किसी न किसी दर्द से परेशान रहते ही है चाहे वो गर्दन का दर्द हो ,कंधे का दर्द हो ,घुटनो का दर्द या चाहे शरीर के किसी भी भाग में दर्द महसूस हो रहा हो तो आप को समझ जाना चाहिए की आपके शरीर के पुरे भाग में ओक्सिजन नहीं पहुंच रही और सबसे अच्छा तरीका पुरे शरीर में ओक्सिजन पहुंचने का सूक्ष्म  क्रियाए ही है

कैसे करे –

हमारे शरीर में बहुत से भाग होते है जिसके लिए सूक्ष्म  क्रियाए करना आवश्यक होता है बदन दर्द में आराम देने वाली सूक्ष्म क्रियाए के लिए हमें शरीर के अलग अलग भाग के लिए अलग अलग सूक्ष्म क्रिया करेंगे सबसे पहले हम बदन दर्द में आराम देने वाली सूक्ष्म क्रियाए में आँख से शुरू करेंगे

आँख के लिए सूक्ष्म  क्रियाए –

  • सबसे पहले हम सुखासन में बैठ जायेगा
  • सुखासन में बैठने के बाद सवास भरते हुए हम अपनी आँख से ऊपर की और देखेंगे और सवास छोड़ते हुए निचे की और देखेगा उसके बाद सवास छोड़ते हुए दाये और व सवास लेता हुए सामने इसी प्रकार सवास छोड़ते हुए बाये और व सवास लेते हुए सामने
  • जब हम आँख के लिए सूक्ष्म क्रियाए करते है तो इस  क्रिया को  हमें को गर्दन बिना हिलाये  करनी है इसमें  सिर्फ आँख की पुतलिया ही हिलनी चाहिए
  • इसके बाद अपनी आँख को घडी की सुई की तरह गोल गोल घूमना है यह सूक्ष्म क्रियाए  हमें कम से कम 5 बार करनी है

मुँह के लिए सूक्ष्म  क्रियाए –

  • सबसे पहले अपने मुँह में सवास भरे और मुँह को फुलाए उसके बाद मुँह में हवा भरी रखनी है और उस हवा को चबाना है यह सूक्ष्म क्रियाए  भी हमें कम से कम ५ बार करनी है

गर्दन के लिए सूक्ष्म  क्रियाए –

  • सबसे पहले हम सुखासन में बैठ जायेगा और एक लम्बा सवास ले और गर्दन को पीछे की और ले जाये और फिर सवास छोड़ते हुए गर्दन को आगे की और झुकायेगर्दन के लिए सूक्ष्म  क्रियाएगर्दन के लिए सूक्ष्म  क्रियाए

नोट – जिन व्यक्तियो को सर्वाइकल का पेन है वह गर्दन को कभी आगे ना झुकाये

  • उसके बाद फिर से सवास छोड़ते हुए गर्दन को दाये ले जाये और सवास लेते हुवे सामने लेके आये और फिर सवास छोड़ते हुवे गर्दन को बाये लेके जाये और सवास लेते हुवे सामने लेके आये

अगुलियों के लिए सूक्ष्म  क्रियाए –

  • अपने हाथ को सीधा खोले और अगुठे को अगुलियों के निचे रख के मुठी बंद करे और झटके से खोलेअगुलियों के लिए सूक्ष्म  क्रियाए
  • मुठी को बंद कर के मुठी को गोल गोल घुमाए
अगुलियों के लिए सूक्ष्म  क्रियाए
अगुलियों के लिए सूक्ष्म  क्रियाए

कंधे की सूक्ष्म  क्रियाए –

  • सबसे पहले अपने हाथ को सीधा खोले और फिर अंगुलियों को मोड़ कर अगुठे को अपने कंधो पर रखे और अपने हाथो को गोल गोल घुमाएकंधे की सूक्ष्म  क्रियाए
  • सुखासन में बैठ कर सवास भरते हुए अपने कंधो को कान की और खींचे व सवास छोड़ते हुए अपने कंधो को निचे की और खींचने का प्रयास करे
  • सुखासन में बैठ कर अपने कंधो को गोल गोल घुमाये

पैरो के लिए सूक्ष्म  क्रियाए –

  • सबसे पहले अपने पैरो को सीधा कर के व अपनी कमर को भी सीधी कर के दंडासन में बैठ जायेदंडासन
  • दंडासन में बैठ जाने के बाद अपनी अंगुलियों को कम से कम 2 मिनट तक हिलाये
  • अपने पैरो के पंजो को आगे की और व पीछे की और खींचेपैरो के लिए सूक्ष्म  क्रियाए
  • अपने दोनों पैरो के पंजो को को आपस में  मिलकर  पंजो को गोल गोल घुमाए
  • अपने पैरो को सीधा के अपने पैरो की पिंडलियों को हिलाये

और अधिक अच्छे से समझने के लिए कृपया हमारे  वीडियो को देखे

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