कमर दर्द

कमर दर्द –

कमर दर्द की समस्या आजकल आम हो गई है सिर्फ बड़ी उम्र के लोगों को ही नहीं बल्कि सभी उम्र के लोग कमर दर्द के लिए शिकायत करते हैं हर दूसरा व्यक्ति फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष कमर दर्द से परेशान है ज्यादातर लोग कमर दर्द को अनदेखा करते रहते हैं जिसके कारण कुछ समय बाद यह बड़ी परेशानियों का रूप ले लेती है जब कमर के निचले हिस्से में दर्द रहता है तो उसे हम लंबर पेन या कमर दर्द कहते हैं यह दर्द बहुत पीड़ादायक होता है रोगी असहाय सा हो जाता है यहां तक कि कमर दर्द के कारण रोगी का चलना फिरना भी कठिन हो जाता है हमारी रीढ़ में कुल 33 गोटिया है – 7 सरवाइकल (Cervical vertebrae) , 12 थोरैसिक (Thoracic vertebrae), 5 लंबर (Lumber vertebrae) , सेक्रम (sacrum) जो की 5 गोटियों के मिलने पर बनती है तथा कोक्सीजियम (Coccygel) जो की  4 गोटियों के मिलने पर बनती है हर दो गोटियों के बीच में एक विशेष गद्दी पाई जाती है जिसे हम डिस्क कहते हैं इसके मध्य एक चिकना तरल पदार्थ भरा होता है ,जिसके कारण यह मुलायम बनी रहती है और  रीड तथा शरीर के अन्य भागों में झटका लगाने से बचाती है इसी के कारण हम आगे ,पीछे, दाएं,  बाएं झुक सकते हैं व शरीर को मोड सकते हैं यह सभी आपस में लिगामेंट अर्थात अस्थि बंधो से बंधी रहती है कमर की गोटियों व  गद्दी पर अधिक भार पड़ने से व आयु बढ़ने से इसमें नुकसान होने लगता है जिससे की कमर में दर्द का अनुभव होता है

कमर दर्द के लक्षण –

  • सायकल में दर्द अधिक अनुभव होने लगता है
  • करवट लेने में कठिनाई होना
  • कमर में दर्द होना
  • कमर के निचले हिस्से में कड़ापन अनुभव होना
  • झुकने पर अधिक दर्द होना

कमर दर्द के कारण –

  • लंबे समय तक बैठ कर काम करने से
  • भारी वजन उठाने से
  • शरीर का वजन अधिक होना
  • योगाभ्यास ना करना

सावधानिया –

– तीव्र दर्द होने पर आसनों का अभ्यास ना करें ऐसी अवस्था में   बिस्तर पर सीधे लेट कर विश्राम करें – पूरी तरह ठीक होने तक आगे झुकने वाले आसन ना करें – पीठ दर्द के रोगी अग्निसार ,कपालभाति , भस्त्रिका , प्लावानी प्राणायाम का अभ्यास न करें  

कमर दर्द के उपचार –

  • शुरुआत में सरल आसनों का अभ्यास करें पीछे झुकने वाले सरल आसनों का अभ्यास अधिक लाभकारी होगा
  • लेट कर दो बार ताड़ासन करें

प्राणायाम – अनुलोम – विलोम प्राणायाम ,सूर्यभेदी प्राणायाम व नाड़ी शोधन प्राणायाम का अभ्यास करें  

अन्य सुझाव –

  • भोजन, खिचड़ी व सब्जियों का सेवन करें
  • पानी का सेवन अधिक मात्रा में करें
  • गरम पानी की पट्टी से सिकाई करें
  • तिल के तेल की मालिश
  • उछलना- कूदना ,तेज चलना व बाइक चलने से परहेज करें
  • वजन न उठाए

 और अधिक अच्छे से समझने के लिए कृपया हमारे  वीडियो को देखे

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