उज्जायी प्राणायाम कैसे करे

उज्जायी प्राणायाम –

उज्जायी प्राणायाम में उज्जायी का अर्थ होता है विजयी प्राप्त करना यदि व्यक्ति स्वय पर विजय प्राप्त कर ले तो वह ससार पर भी विजय प्राप्त कर सकता है हमारे आस पास जो नकारात्मक ऊर्जा है वो हमें सकारात्मक रहने से रोकती है उज्जायी प्राणायाम का सही शब्दो में अर्थ है की हमारे शरीर में जो नकारात्मक ऊर्जा है उस पर विजय प्राप्त करना

उज्जायी प्राणायाम को ध्यान की और जाने का मुख्य द्वार भी कहा जाता है

बच्चो में उज्जायी प्राणायाम –

  • जब 5 साल तक का बच्चा सो रहा होता है तो आपने देखा होगा की कभी कभी उसके गले  से धीरे धीरे खराटो की आवाज आती है उस समय आप बच्चो के पास जाकर धीरे से आवाज भी कर दोगे तो वह बच्चा अचानक  उठ  जायेगा या फिर आप देखेंगे की वो नीद में अपने आप मुस्कुरा रहा है या नीद में अपने आप रो रहा है उस समय वह बच्चा अवचेतन मन में होता है वह पूर्ण निद्रा में नहीं होता उसी प्रकार जब हम बड़े होते है तो जब हमें नीद आती है उस से 10-15  मिनट पहले हम अवचेतन अवस्था में होते है जब हम अवचेतन अवस्था में होते है तो उस अवस्था को ध्यान की अवस्था भी कहते है

उज्जायी प्राणायाम  कैसे करे-

– सबसे पहले हमें सुखासन में बैठ जाना है

– सुखासन में बैठने की बाद हमें आपने हाथो में ज्ञान मुद्रा या वायु मुद्रा लगानी है

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– हमें अपने गले को सकुचित कर के सवास को अंदर लेना है और फिर बायीं नासिका से सवास को बाहर छोड़ देना है

– सवास को हमें गले के माध्यम से शरीर के अंदर लेना है

– जब गले से सवास को अंदर लेता है तो जब गले से आवाज आती तो उस पर हमें ध्यान लगाना है

उज्जायी प्राणायाम को हमें 10 मिनट तक करना है

उज्जायी प्राणायाम से फायदे –

-गले से संबधित सभी रोगो में फायदा मिलता है

– थायराइड , पैरा थायराइड, टॉनसिल , कफ व अनिद्रा जैसी बीमारियों से छुटकारा मिलता है

– यह गर्म तासीर का प्राणायाम है जिस कारण शरीर में गर्मी पैदा होती है और यह गर्मी शरीर में उपस्थित कफ को ख़तम कर देती है

उज्जायी प्राणायाम क्यों किया जाता है और किस से संबधित है

-उज्जायी प्राणायाम का भी मुख्य उद्देस्य होता है की हम आपने शरीर को ध्यान की और लेके जाये जिस वजह से हमारी दैनिक समस्याओ से हमे राहत मिल सके

– उज्जायी प्राणायाम कबूतर से जुड़ा हुआ है  आपने कबूतर को तो देखा होगा उसकी आवाज उज्जायी प्राणायाम के सामान होती है वह हमेशा अपने गले से ही  सवास लेता है कबूतर हमेशा आपने आपको एक योगी के अनुसार रखना चाहता है जिस कारन वह हमेशा आपने आप को  शांत वातावरण में रखना चाहता है

उज्जायी प्राणायाम से संबधित आप हमारा वीडियो भी देख सकते है जिस में हमने आपको और अच्छे से समझाने का प्रयास किया है

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